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प्रभा खेतान का निधन

कोbकाता ः साहित्यकार व समाजसेवी डॉ प्रभा खेतान का निधन हो गया. उनकी अंत्येष्टि नीमतbा घाट पर रविवार को होगी. उनके निधन पर महानगर के साहित्यकारों, समाजसेवियों व बुद्धिजीवियों ने शोक व्यक्त किया है. प्रभा खेतान हिंदी कŸी प्रतिðित उपन्यासकŸार, कŸवयिÍाी और नारीवादी चिंतकŸ हैं. पहbी नवंबर 1942 कŸो कŸोbकŸाता में जन्मी प्रभा खेतान के आठ उपन्यासों, छह कŸविता संग्रहों और चिंतनपरकŸ निबंधों के तीन संग्रहों के अbावा अनुवाद कŸी भी दो पुस्तकें प्रकŸाशित हो चुकŸी हैं. उनके उपन्यास "आओ पेपे घर चbें', "पीbी आंधी', "छिन्नमस्ता', "ताbाबंदी' और "अपने-अपने चेहरे' कŸाफŸी चर्चित रहे हैं. óी विषयकŸ कŸार्यों में उनकŸी सक्रिŸय भागीदारी रही है. वह óी के आर्थिकŸ स्वावbंबन पर जोर देती हैं.

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