अरविंद कुमार एक राम लिख देना, दूसरा रहमान लिख देना एक दूसरे के दिल में मोहब्बत का पैगाम लिख देना न हिंदू न मुस्लिम सिर्फ़ इंसान लिख देना गर बहे शरीर का एक भी कतरा तो हर कतरे पर अपना प्यारा हिंदुस्तान लिख देना
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