मुक्तक- बिठा कर गोद में बच्चा,
संजीता नाथ जी
1.
मुक्तक- बिठा कर गोद में बच्चा,
2.
खिलाती प्यार से माता।
3.
हृदय में व्याप्त है माया,
4.
नयन से झर रही ममता।
5.
जगत में मात से बढ़कर,
6.
नहीं है त्याग की देवी।
7.
पिला कर दूध बच्चे को,
8.
उदर हर मात का भरता।।
9.
2. कुण्डलिया दर्शन कर लें आज हम,
10.
इक सुन्दर तस्वीर। खिला रही है
11.
तनय को,माता मधुरम खीर।।
12.
माता मधुरम खीर,खिलाती हर्षित होकर।
13.
खिल-खिल कर तकदीर,लुटाए नेह उभय पर।
14.
ममता कहती आज,खुशी से झूमे तन-मन।
15.
छोड़ो अब सब काज,पटल का कर लो दर्शन ।।
16.
ममता बनर्जी "मंजरी"

No comments
Post a Comment