कुण्डलिया छंद में स्व-परिचय का प्रयास।
देवी रंभा मातु हैं,पिता बासुकीनाथ,
ग्राम पालगंज है जिसके दक्षिण पारसनाथ।
दक्षिण पारसनाथ, उत्तर नदी बराकर,
धन्य हुआ जो जन्म लिया इस भू में आकर।
मैं अभिनव हूँ, शब्द शक्ति का परम सनेही,
देवी का मैं भक्त और कविता मेरी देवी।
अभिनव कुमार उपाध्याय
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